समुद्र शास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति के शरीर के विभिन्न अंगों को देखकर उसके बारे में काफी कुछ जाना जा सकता है। आज हम आपको बता रहे हैं कैसे कान वाले इंसान का नेचर कैसा होता है। कान मनुष्य की चौथी ज्ञान इंद्री है। इसका एक हिस्सा शरीर के बाहर दिखाई देता है, जबकि एक हिस्सा शरीर के अंदर होता है- छोटे कान- जिन लोगों के कान सामान्य से थोड़े छोटे आकार के होते हैं, ऐसे लोग बहुत बलशाली हो सकते हैं। ये विश्वसनीय भी होते हैं। साथ ही, ये कला के क्षेत्र में भी रुचि रखते हैं। यदि कोई इनसे कोई वस्तु मांग ले, तो ये उसे मना नहीं करते। बड़े कान- यदि किसी व्यक्ति के कान बड़े हों, तो वह विचारशील, कर्मठ, व्यवहारिक तथा समय का पाबंद होता है। इन्हे किसी भी काम में लेटलतीफी पसंद नहीं आती और ये सब काम व्यवस्थित तरीके से करने में विश्वास रखते हैं। चौड़े कान- समुद्र शास्त्र के अनुसार यदि किसी के कानों की चौड़ाई सामान्य से अधिक हो, तो ऐसे लोगों के पास सभी तरह की सुख-सुविधाएं होती हैं। ये अपने जीवन में हर सुख प्राप्त करते हैं। ऐसे लोग अवसरवादी भी होते हैं। सामान्य से अधिक छोटे कान- यदि किसी व्यक्ति के कान बहुत ही छोटे हों, तो ऐसे लोग स्वभाव से थोड़े चंचल हो सकते हैं। ये भगवान पर बहुत विश्वास करते हैं। कभी-कभी ऐसे लोग लालची भी हो जाते हैं और किसी के साथ धोखा करने से नहीं हिचकते। किसी से काम निकालना इन्हें बखूबी आता है। - जिस व्यक्ति के कान के बीच का भाग दबा हुआ हो, आमतौर पर वह अपराधी प्रवृत्ति का होता है।
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